श्री राधा मोहन मीणा

श्री राधा मोहन मीणा

महानिरीक्षक,आर ए एफ

महानिरीक्षक का सन्देश

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Zone आर ए एफ सेक्टर

पुलिस महानिरीक्षक का संदेष

           द्रुत कार्य बल, की स्थापना सन् 1992 में हुई थी। यह बल सार्वजनिक  व्यवस्था की गड बडी से निपटने के लिए केरिपुबल का एक विषिश्ट अंग है। अपनी स्थापना के बाद से ही द्रुत कार्य बल उच्चस्तरीय व्यवसायिक दक्षता से देषभर में सार्वजननिक व्यवस्था की चुनौतियों को संभाल रहा है। द्रुत कार्य बल ने कई मौकों पर अपनी क्षमता साबित की है और हमेषा भारतीय और विदेषी धरती पर संकट-मोचक के रूप में उभरा है। ठोस पेषेवर लोकाचार के कारण द्रुत कार्य बल को कोसोवो एवं लाइबेरिया में अपनी सेवाएं प्रदान करने के लिए बुलाया गया। द्रुत कार्य बल के पुरूश और महिला टुकडि यों ने कोसोवों और लाइबेरिया में संयुक्त राश्ट्र के बैनर तले अपनी सेवाएं प्रदान की है। अपनी यात्रा से विषाल अपार अनुभव प्राप्त करते हुए द्रुत कार्य बल अपनी मुख्य क्षमता और कौषल को मजबूत करने पर केन्द्रित है। राज्यों से द्रुत कार्य बल की भारी माॅंग अलग-अलग राज्यों में संघर्श की स्थितियों को संभालने में उनकी क्षमता, बहुमुखी प्रतिभा, सामाजिक स्वीकृति और निर्भरता द्रुत कार्य बल का स्वतः परिचय और महत्व ज्ञात होता है। इसके साथ ही द्रुत कार्य बल ने विभिन्न सार्क देषों के पुलिस अधिकारियों और राज्य/अन्य केन्द्रीय पुलिस बलों को अपने दंगा-विरोधी, भीड नियंत्रण क्षमताओं और कौषल के उन्नयन के लिए मेरठ (उत्तर प्रदेष) में द्रुत कार्य बल अकादमी (रेपो) में प्रषिक्षण देने का भी काम किया है।

2.         सामाजिक ताने-बाने के बढ ते तनाव के साथ-साथ कानून व्यवस्था को बनाए रखने की चुनौतियाॅं बढ ती जा रही है। द्रुत कार्य बल मामलों की नियमित निगरानी व विष्लेशण अतीत की घटनाओं का विष्लेशण एवं स्वयं को तैयार रखने की दृढ इच्छाषक्ति की वजह से सदैव अग्रसक्रिय रहती है, सामाजिक घटनाओं पर पैनी नजर रखती है और हर कल्पनीय परिदृश्य से निबटने के लिए खुद को विकसित और सुसज्जित करती रहती है।

3.         स्थिति को चतुराई से और संवेदनषीलता के साथ संभालना बल के कथ्य ’’संवेदनषील पुलिसिंग के माध्यम से मानवता की सेवा को करना’’ को सही दर्षाता है। नागरिकों के बीच बल की कुषल, सक्षम, निश्पक्ष और मानवीय छवि ने

 

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द्रुत कार्य बल को कई तरीकों से ताकत दी है। नीली कम्बैट वर्दी वाले सैनिकों ने नागरिकों का सम्मान और प्यार अर्जित किया है। विषिश्ट रूप से प्रषिक्षित द्रुत कार्य बल के सैनिक नागरिकों के सम्मान की रक्षा करने और समाज में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समर्पित है। फैमिलराइजेषन अभ्यास, सिविक एक्षन कार्यक्रम एवं ऐसी अन्य गतिविधियों के माध्यम से जनता में लैंगिक संवेदनषीलता, आपसी सांस्कृतिक समझ जैसे विशयों पर जागरूकता फैलाई जाती है जिससे द्रुत कार्य बल कों विधि व्यवस्था की समस्या से निपटने में आसानी होती है। उभरते सामाजिक, राजनैतिक और जनसांख्यकीय परिर्वतनों पर नजर रखते हुए द्रुत कार्य बल नियमित रूप से अपनी इन्वेन्ट्री का उन्नयन और आधुनिकीकरण कर रहा है।

4.         प्राकृतिक आपदाओं/मानव-निर्मित आपदाओं में अपने जवाबदारी के क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य के लिए द्रुत कार्य बल हमेषा प्रभावी एवं प्रथम प्रत्युत्तर साबित हुआ है। बचाव कार्यों में अपनी क्षमता में बढ ोत्तरी के लिए द्रुत कार्य बल अपनी टुकडि यों के प्रषिक्षण एवं उन्हें वांछित उपकरणों से सुसज्जित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

5.         उत्साह और दृढ संकल्प के साथ द्रुत कार्य बल ने विषिश्ट बल का दर्जा हासिल किया है। इस मुकाम पर जब सरकार और समाज द्रुत कार्य बल को  सर्वाेच्च दंगारोधक बल के रूप में देखते हैं, अब समय आ गया है कि द्रुत कार्य बल अपना समग्र फोकस इसके कथ्य ’’संवेदनषील पुलिसिंग के माध्यम से मानवता की सेवा ’’ पर रखते हुए सैनिकों के कौषल उन्नयन व आधुनिकीकरण पर करे।

 

                           जय हिन्द।

 

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